थाम कर मेरा हाथ
चलती रहोगी न
चलती रहोगी न
छोड़ जाओगी मुझे
कभी क्या अकेला
कभी क्या अकेला
नहीं। यही कहोगी
जानता हूँ
कहती रहोगी न
जानता हूँ
कहती रहोगी न
मैं भटक जाऊं
चलते चलते कहीं
मुझे ढूंढ लोगी न
चलते चलते कहीं
मुझे ढूंढ लोगी न
वर्षों न हो मुलाकात
तो मेरे आने का
इंतज़ार करोगी न
तो मेरे आने का
इंतज़ार करोगी न
मैं लिखता हूँ सब
प्यार की कलम से
तुम पढ़ती रहोगी न
प्यार की कलम से
तुम पढ़ती रहोगी न
भावों की बारिश में
भीगकर हर वक्त
मुस्कुराती रहोगी न
भीगकर हर वक्त
मुस्कुराती रहोगी न
थाम कर मेरा हाथ
चलती रहोगी न
चलती रहोगी न
-प्रभात
तस्वीर: गूगल से साभार
तस्वीर: गूगल से साभार
