Showing posts with label तुम्हारी राह देखने तक का नशा है... Show all posts
Showing posts with label तुम्हारी राह देखने तक का नशा है... Show all posts

Monday, 6 April 2015

तुम्हारी राह देखने तक का नशा है..




"वही प्यारी खुशबू वही प्यार का नशा है

कोई लता चढ़कर मेरे रूह तक बसा है

मैं बांस* हूँ, पुष्प आने तक का नशा है 

तुम्हारी राह देखने तक का नशा है......"



*अधिकतर बांस का फूल जीवन में एक बार आता है और फल आते ही बॉस अपना जीवन समाप्त कर लेता है!

-प्रभात