"वही प्यारी खुशबू वही प्यार का नशा है
कोई लता चढ़कर मेरे रूह तक बसा है
मैं बांस* हूँ, पुष्प आने तक का नशा
है
तुम्हारी राह देखने तक का नशा है......"
*अधिकतर बांस का फूल जीवन में एक बार आता है और फल आते ही
बॉस अपना जीवन समाप्त कर लेता है!
-प्रभात
