Showing posts with label कुछ दर्द भरे गीत....... Show all posts
Showing posts with label कुछ दर्द भरे गीत....... Show all posts

Monday, 24 August 2015

कुछ दर्द भरे गीत......

जुल्म सहने की आदत बना ली है
अब तो तुम बस सताते रहो
हमने मजबूरी में इरादा नहीं छोड़ा है
कभी तो इस काबिल बनेंगे
माफ़ करने के भी काबिल नहीं रहोगे
क्योंकि बदले की भावना होगी
पता है जान देंने पड़ेंगे किसी को भी
मुझे जान लेना भी कम पड़ेगा   
बेचैन है हमारे इरादे भी समय बगैर
जल्दी ही आ जाए अगर
सुधर जायेगी सारी बस्ती यूँ ही पल में
हर घर में दिया जगमगाएगा
प्यार में न जाने ये रुलाई कैसी है
अब बस तुम रुलाते रहो
लहू जल रहा है नस नस में अब तो
दुश्मनों तुम आतंक मचाते रहो
भूलेगी नहीं ये वर्षों की जिंदगानी
जुल्म ही जुल्म क्यों न ढाते रहो
जुल्म सहने की आदत सी बना ली है
अब तो तुम बस सताते रहो

-प्रभात