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Wednesday, 24 June 2015

किस राह पर चल पड़ा है यार मेरे तू बता दे...

किस राह पर चल पड़ा है यार मेरे तू बता दे

टूट कर तू बिखर रहा है
-Google
या कहीं तू संभल रहा है
किस जगह पर जा रहा है यार मेरे तू बता दे
यकीं मुझे है इतना
ये पूछोगे क्यों कभी
सूरज क्यूँ ढल रहा है
दोस्त होगे तुम तभी तो
एक बार पूछोगे
क्या चल रहा है
कभी कांटो में न फंसने वाले
इधर क्यूँ जा रहा है
किस राह पर चल पड़ा है यार मेरे तू बता दे
रात दिन वहीं रुका हूँ
जहाँ से कभी चला था
लौट कर क्यों आ गया तू
बोल तेरा क्यूँ लड़खड़ा रहा है
किस राह पर चल पड़ा है यार मेरे तू बता दे
वक्त की इतनी सी बात है क्या
जिसने मुझे सचेत किया है
राग दिया है वही पुराना
जिसे मैंने पहले छोड़ रखा है
किस गली तू जा रहा है यार मेरे तू बता दे
किस राह तू चल पड़ा है यार मेरे तू बता दे  

-प्रभात