Wednesday, 10 September 2014

फिर भी दर्द में आवाज उनके, बदल जाते हैं ।

कुछ लोग अपनी परेशानियों को छुपा जाते हैं    
फिर भी दर्द में आवाज उनके, बदल जाते हैं । 

कुछ दोस्त होते है बातें सुनने को उनके
कुछ समझते है, तो कुछ मजाक बना जाते हैं ।

वक्त बदलता है जैसे घड़ी की सुईओं के साथ
कुछ कठिनाईयां ही, बहुत कुछ सिखा जाते हैं ।

ईश्वर ने बना कर नहीं भेजा था कुछ लिखने वाला
पर दर्द ही न जाने क्यूँ, सब कुछ सिखा जाते हैं ।

बयां करते है हर किसी को अपनी बातों से ही तो वे
बातें न करने को हो तो, फिर रास्ते कैसे बदल पाते हैं ।

अफसोस होता उनको जिनकी बातों को वे सुनते नहीं
सुनते भी हैं तब, जब वे चले जाते हैं ।
                                                                     -“प्रभात




12 comments:

  1. कल 14/सितंबर/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद !

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  2. बयां करते है हर किसी को अपनी बातों से ही तो वे
    बातें न करने को हो तो, फिर रास्ते कैसे बदल पाते हैं ।

    वाह ...बेहतरीन ग़जल

    मेरे ब्लॉग तक भी आईये बहुत अच्छा लगेगा रंगरूट

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  3. कुछ दोस्त होते है बातें सुनने को उनके
    कुछ समझते है, तो कुछ मजाक बना जाते हैं ।
    ..जो मजाक बनाते हैं वे दोस्त नहीं हो सकते ..
    बहुत बढ़िया

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  4. शुक्रिया...बेहतर टिप्पणी के साथ सार के लिए आभार!

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