Showing posts with label देश-प्रेम. Show all posts
Showing posts with label देश-प्रेम. Show all posts

Tuesday, 23 December 2014

देश-प्रेम

कड़ाके की सर्द रात जब हमारे ध्यान में आती हैं तब हम कमरे से बाहर निकले ही होते हैं और जब हम हो सो रहे होते हैं तब रात आसमान के नीचे खड़े होकर दुश्मन से रक्षा कराते हैं - सरहद के रक्षक और असली पहरेदार. मेरे दिल में उन सभी के लिए एक अलग सी जगह बनी रहती है. कोई भी कविता या लेख इतना काफी नहीं हैं जो कुछ बयां कर दे फौजियों की हसरतों और उनके अटल इरादों को. फिर भी मेरी कुछ पंक्तिया खास इन्ही नौज़वानों को समर्पित है..........(पहली कुछ पंक्तियाँ देशप्रेमियों की एकता का सन्देश हैं और अंतिम कुछ पंक्तिया उनके असीम, अटल विश्वास और हौंसलों को उजागर करने का प्रयास करती हैं).


रुको चलूँगा साथ तुम्हारे, अभी मुझे आ जाने दो
बढ़ता कदम रुक जाए, उससे पहले आजमाने दो
जमी हुयी बालू सर्द में, रात अनोखी प्यारी रंग में
किसी से लहू मिले हमारा, साथ हमें भी आ जाने दो
रक्त-रक्त में देशप्रेम और सौभाग्य से प्रेम तुम्हारा
मिले कहीं ये सुख अमृत में भी न, पास जो रह जाने दो

कैसी ममता कैसा प्यार, पूछो इस प्यारी मिट्टी से यारों
माँ के आँचल जैसी मिट्टी, अब यही पर सो जाने दो
रुक कर पूछे हवा हमीं से, कहाँ पे उड़ जाऊं मैं
धैर्य दिला कर आते रहना, यहाँ मुझे बिछुड़ न जाने दो   
कहना मैं लौटूंगा, जब इतिहास कहीं पे लिखा होगा
फूलों से लिपटी अर्थी जब हो, खुशी से जल जाने दो 
                                                       -प्रभात

Thursday, 14 August 2014

भारत का गुणगान करें!

आओ भारत का गुणगान करें
तिरंगे का सम्मान करें
गरीबी को हम मिटा देंगे
जन-जन यह सन्देश पहुंचा देंगे
भारत माता की भूमि पर कोई भूखा न सोये
हर बच्चा-बच्चा भारत रक्षा में तन-मन से लीन रहे
गाँव-गाँव के कोने में गंगा पहुंचा देंगे
तिरंगे को फहरा देंगे
गाँधी के सपनों से भारत का निर्माण करें
आओ आजादी का विस्तार करें
भारत का गुणगान करें.

भगत सिंह जब माँ को देख कर हँसते थे
राजगुरु, सुखदेव से आँखों में बाते करते थे
हिम्मत लेकर आंखिरी सांस तक लड़ते थे
ऐसे वीरों की माँ को याद करें
ऐसे भारत माता के बच्चों का निर्माण करें
भारत का गुणगान करें.

कहाँ पर भ्रष्टाचार नही है कहाँ पर नही है घोटाला
कहाँ पर धर्म से नही है नाता संप्रदाय के ताकतों से
आतंकवाद का कहर यहाँ है जहाँ मिली है आजादी
युवा जनसँख्या का जवाब यहाँ है जनसंख्या के बढ़ने का
हमें चाहिए आत्मनिर्भरता खुद का ज्ञान बढाने में
आओ मिलकर हम अपनी आवाज बुलंद करें
आजाद के आजादी के सपनों का और विस्तार करें
कन्याकुमारी से जम्मू-कश्मीर तक भारत का नाम करें
आओ भारत का गुणगान करें. 
                                      
                                 -"प्रभात"