कुछ रंग उन्हीं
मिट्टी के हों जिस मिट्टी में हमने खेला हो
हर रंग उन्हीं
मौसम के हों जिस मौसम में रंग बिखरा हो
वो कौन सी बात
बड़ी है जिसमें रंगीन अदाएं उभरी हों
वो हर बात बड़ी है
जो भूली बिसरी स्मृतियों से भरी हों
आगे आप पूरी
करें....
#प्रभात
Prabhat