विनती
नवजीवन वाली खुशियाँ लेकर नया सुप्रभात हो ।
आज और कल की बातों को भूल नया विहान हो । ।1।
गरिमामय जिन्दगी की फिर नयी शुरुआत हो ।
नयी चांदनी और तारों के साथ का शाम हो । ।2।
फिर से चिड़ियों का बसेरा मेरे आँगन के साथ हो ।
फूलों से घिरा मकान और अच्छे लोगों की बात हो । ।3।
साथ खेलनें वालों का जीवन भर साथ हो ।
कटुता और कपटता वाली भाषा का सदा नाश हो । ।4।
झूमें गायें और संग में खाने का इंतजाम हो ।
आसमान में चिड़ियों की तरह उड़ने की बात हो । ।5।
धर्म और प्रेम के बंधन में बंधी न ये नाव हो ।
डूबते नाव को किनारे पर लाने का कुछ ज्ञान हो । ।6।
-“प्रभात”
